‘सर्जनात्मक अध्येता का समीक्ष्य से एकात्म होना’
प्रस्तुत पुस्तक-समीक्षा ‘आजकल’ पत्रिका (सूचना-प्रसारण विभाग, भारत सरकार) के मई-2009 अंक में प्रकाशित हुई थी, जिसका पुनर्प्रकाशन ‘सर्जना’ पृष्ठ पर किया जा रहा है।
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[पूरी पोस्ट]
डॉ. रामकुमार सिंह
पुस्तक-समीक्षापुनर्प्रकाशन
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[15 Jan 2010 01:47 AM]



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