बच्चा ..मिथिलेश ...तुहरा कल्याण हो

लंगोटा नंद महामठ वाणी बांध के लंगोट....पहन के खढ़ाऊ...आ पहुंचा है झोट्टा बुढ़ऊ ... बच्चा मिथिलेश...तुम में अत्यधिक क्रोध विद्यमान है...जो तुम्हारी दिन-प्रतिदिन बलवती होती हुई महत्वाकांक्षी सेहत के लिए अच्छा नहीं है ...इसे शांत करो...शांत करो.. चिंता न करो...तुम्हारे सब दुख... [पूरी पोस्ट]
writer jhottanand

हास्य

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[14 Jan 2010 13:09 PM]

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