सत्य के लिए
यह कविता मेरे वरिष्ठ सहयोगी आशुतोष प्रताप सिंह ने लिखी है। हालांकि वे अपना ब्लाग आशुतोषप्रतापसडाटब्लागस्पाटडाटकाम चलाते हैं लेकिन किन्हीं कारणों से यह कविता उनके ब्लाग पर नहीं बलि्क मेरे ब्लाग पर है। अनुरोध है कि इस कविता पर खुल कर प्रतिकि्रया दें जिससे...
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pankaj mishra
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[14 Jan 2010 06:33 AM]



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