गुलज़ार करेले की सब्ज़ी हैं, यार !
एक तरफ़ जावेद अख़्तर हैं तो दूसरी ओर गुलज़ार। दोनों ही बेहतरीन गीतकार। एक जो लड़कपन में आप ही के अरमानों को लफ़्ज़ दे रहा था तो दूसरा जिसका लिखा सुनने में तो अच्छा लगता था पर ज़्यादा समझ नहीं आ पाता था। इसलिए लड़कपन में जावेद अख़्तर से ज़्यादा दोस्ती...
[पूरी पोस्ट]
प्रबुद्ध
गुलज़ार
54
3
0
3
0
[14 Jan 2010 02:40 AM]



Shuffle








