मकर संक्रांति की पावन सुबह है ये सभी को बधाई!

यादों का इन्द्रजाल... Hindi Poetry by Sulabh प्रातः स्नान सूर्य नमस्कार दान चावल स्पर्श सबके नाम से सीधा (दान) तिल गुड का भोग नाना प्रकार के लाइ मकर संक्रांति की पावन सुबह है ये सभी को बधाई! दही चुडा भोजन पतंगे गुल्ली डंडा संध्या स्वादिष्ट खिचड़ी तरकारी, पापड़, चोखा...... [पूरी पोस्ट]
writer सुलभ 'सतरंगी'

makar sankranti

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[14 Jan 2010 01:01 AM]

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