साहित्य अकादमी की स्वायत्तता?

फिलहाल देश हो या संस्था उसकी स्वायत्तता को खतरा अंदर के लोगों से होता है। या कहिए उन हां-बरदार मित्रों से होता है जो संस्था-हित से अधिक अपने स्वार्थों को ‘चिड़िया की आंख’ की तरह ताकते रहने की कुव्वत पैदा कर लेते हैं। मित्र मैं इसलिए कह रहा हूं क्योंकि संस्था का... [पूरी पोस्ट]
writer गिरिराज किशोर

lekh

views
20
upvote
2
downvote
0
rating
2
comments
0
[14 Jan 2010 01:16 AM]

Free Vedic Astrology From Astrobix