बचकाना सा एक सपना
मेरा एक सपना हैकि मैं दिल्ली कीरिंग रोड कोदेख सकूँ रात कोकैसी लगती हैंबंद दुकानें और रेस्टोरेंटखाली सड़केंबिना ट्रैफिक की,बैठ जाऊँ मैंसड़क के डिवाइडर परऔर लिखूँएक कविता,मेरा यह सपनाबचकाना लग सकता हैपर इसे पूरा होने मेंलग सकते हैं वर्षोंजब एक अकेली...
[पूरी पोस्ट]
mukti
शहर
25
2
0
2
0
[13 Jan 2010 14:02 PM]



Shuffle








