GULDASTE - E - SHAYARI

GULDASTE - E - SHAYARI बजी है घंटी मंदिर की,लेकर आये थाली आरती की,पतंग उड़ी तो खिल गया सबका दिल,मीठी गुड़ में जैसे मिल गया तिल,ज़िन्दगी में आये खुशियों की बहार,मुबारक हो सबको संक्रांति का त्यौहार !... [पूरी पोस्ट]
writer Babli
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[13 Jan 2010 13:16 PM]

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