गुज़रे लम्हात....
गुज़रे लम्हात बड़े रंगीनियों से शराबोर लगते हैं...मुझे...मेरे दिल को...मेरी कशिश को शायद थमने देना नहीं चाहते....दूर कहीं खोए..दिल के दरिचो में थमे गुज़रे लम्हात...हां वोही सारे लम्हात...जो सिर्फ पशेमा करते....तुम्हारे इंतज़ार को....तुम्हारी आहट...
[पूरी पोस्ट]
tanu sharma.joshi
21
0
0
0
0
[13 Jan 2010 12:40 PM]



Shuffle








