दोस्त या दुश्मन
दोस्त बनाने मै भी उतनी ही कठनाई होती है जीतनी की दुश्मन बनाने में और दोस्त उतनी ही सरलता से बन जाते है जीतनी सरलता से दुश्मनतकलीफ या परेशानी ,मेहनत तो दोस्ती और दुश्मनी निंभाने में होती है । दोस्त से ज्यादा दुश्मन रखने चाहीये क्यों की दोस्त "कुछ" काम...
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[13 Jan 2010 09:02 AM]



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