चिठ्ठी आई है

My Feelings... यादों के गाँव से चिठ्ठी आई हैयाद किया है अमरुद के पेड़ ने नन्हे पैरों की चहलकदमी कोजो उसकी पतली शाखाओं पर भी मचलते थेयाद किया है गोलम्बर नेजिसके किनारे रजनीगन्धा की खुशबू हुआ करती थीअब उसके किनारे दरक चले हैंकहीं कोई खुशबू नहींयाद किया है आँगन ने जहाँ... [पूरी पोस्ट]
writer रश्मि प्रभा...

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[13 Jan 2010 04:15 AM]

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