साक्ष्य एक अनर्गल प्रलाप का
डा0 अमर कुमार के शब्द हैं: ”यह ठीक है, कि आप बाहर आज़ाद घूम रहे हैं, लेकिन मियाँ जी जूती भी पहना करते हैं । जब तक आप अपने बीमार मन का इलाज़ नहीं करवा लेते, यह जूती यदा कदा प्रयोग कर सकते हैं ! सिर की अदला बदली होती रहेगी, पर उसकी नौबत न [...]...
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डा. अमर कुमार
एक साफ सुथरे दिमाग की
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[09 Jan 2010 17:22 PM]



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