कला कैलेण्डर की चीज़ नहीं है
आज १३ जनवरी से हमारी भाषा के सबसे संवेदनशील और क्लासिकी ऊंचाइयों को अपनी साधारण-सादा कविताओं की उँगलियों से कई बार छू चुके अप्रतिम कवि शमशेर बहादुर सिंह के सौवें जन्म-वर्ष की शुरूआत हो रही हैं। उन पर अब उत्सवों और आयोजनों का सिलसिला साल भर तक चलेगा। साल...
[पूरी पोस्ट]
Uday Prakash
हमारा समय
29
2
0
2
5
[13 Jan 2010 00:07 AM]



Shuffle








