चन्द सिक्को की खातिर अपना यार बदल गया पाला
चन्द सिक्को की खातिर अपना यार बदल गया पालाजपने लगा है अब तो वो किसी और के नाम के मालामाली और सैयाद मे जिस को फर्क नजर नही आतादाना चुगते चुगते परिन्दा जाल में वो फस जाताकान्टे के सग लगा केचुआ मछली गर खायेगी हो कितनी होशियार वो मछली आखिर फस जायेगी ये...
[पूरी पोस्ट]
Krishan lal "krishan"
21
0
0
0
0
[12 Jan 2010 23:30 PM]



Shuffle








