यू. के. से प्राण शर्मा की दो लघुकथाएं
ये इंग्लॅण्ड है,माई ब्रोदर
–प्राण शर्मा
गोपीनाथ से लन्दन जाने वाली कोच छूट गयी थी. एक अन्य कोच ड्राईवर ने बड़ी शिष्टता से उसको अगली कोच का समय बताया.
गोपीनाथ को लगा कि उसने उस ड्राईवर को पहले भी कहीं देखा था. उसने भेजे पर जोर दिया.याद आते ही उसने...
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महावीर
लघु कथाप्राण शर्मा
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[12 Jan 2010 18:12 PM]



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