पंक्तियों के समूह को कह देता हूँ, कविता

अनौपचारिक मुझे,पता नहीं हैकैसे, लिख देता हूँचंद पंक्तियां, कभीअचानक ही,उन पंक्तियों के समूह कोकह देता हूँ, कविताब्‍लॉग पोस्‍ट के लेबल परचिप्पियॉं या टैग मेंजबकि,मुझे पता है,मैं नहीं लिख सकताकोशिश करके भी,वह सबजो मैंने लिखी हैं,अनायास ही किसी पल में,किसी भाव दशा... [पूरी पोस्ट]
writer अर्कजेश

कविता

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[12 Jan 2010 15:07 PM]

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