मिलत, खिलत, लजियात ... ... .

हिंदी का शृंगार "कहत, नटत, रीझत, खिजत; मिलत, खिलत, लजियात।भरे भौन में करत हैं, नयन ही सों बात।।" कविवर बिहारी द्वारा रचित इस लोकप्रिय दोहे में किस अलंकार का प्रयोग हुआ है? आप सब से अनुरोध है कि इस अलंकार से युक्त कुछ अन्य उदाहरण प्रस्तुत... [पूरी पोस्ट]
writer रावेंद्रकुमार रवि

अलंकार

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[12 Jan 2010 08:22 AM]

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