भावाकुल मन ढूँढ़े तुमको

Kusum's Journey " भावाकुल मन ढूँढ़े तुमको "काश, आज आपने शब्दों को ,अर्पित कर पाती मैं तुमको ।मेरे मन के सहज भाव फिर ,नया राग दे जाती मुझको ।भूलूँ मैं कैसे उन पल को ,मुझे लगे जैसे वह कल हो ।नित्य नए एक रूप में देखी ,समझ न पाई पर मैं तुमको ।सुख की यादें बंद नयनों में... [पूरी पोस्ट]
writer Kusum Thakur
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[12 Jan 2010 00:15 AM]

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