मुहब्बत मुहब्बत मुहब्बत मुहब्बत, ये क्या कर दिया उसने बैठे बिठाये नये साल का तरही मुशायरा । आज सुनिये निर्मल सिद्धु और शाहिद मिर्जा को तरही मुशायरे
पहले सोचा था कि एक बार की पोस्ट में केवल दो ही शायरों को लगाया जायेगा किन्तु जिस प्रकार से तरही के लिये ग़ज़लें प्राप्त हुई हैं उसके कारण लगता है कि यदि जनवरी में समापन करना है तो इस निर्णय को बदलना होगा या फिर एक सप्ताह में तीन पोस्ट लगानी होंगीं...
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पंकज सुबीर
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[11 Jan 2010 22:09 PM]



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