गुज़ारिश

LIFE: AS I SEE IT एक बात कहूँ सुनते हो ना ?बस यूँ ही तुम दिल में रहना मैं द्वार हृदय के खोलूंगी पर मुख से कुछ ना बोलूंगी तुम स्वयं समझना भाव मेरे मुझको अपने दिल में रखना जब राह कठिन हो जीवन की मुझको अपने संग पाओगे हर कदम पे फूल बिछाऊंगी तुम जब जब कदम उठाओगे बस नहीं भूलना... [पूरी पोस्ट]
writer Paridhi Jha
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[11 Jan 2010 15:32 PM]

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