थरुर को चाहिए सिनकारा
बात यहीं से शुरु करता हूं। शाशि थरुर साहब का कहना है कि वे काम के बोझ के मारे हैं। सोशल नेटवकिग साइट टिवटर पर थरुर साहब लिखते हैं कि बुधवार को उनका १७ बैठकों और मुलाकातों का बेतुका कायकज़म था। वे यहीं नहीं रुके आगे बोले कि जब आप विदेश से वापस आते हैं तो...
[पूरी पोस्ट]
pankaj mishra
काम. सिंकारा.
11
0
0
0
0
[24 Sep 2009 13:39 PM]



Shuffle








