धर्म का काम सामाजिक नियमों का निर्माण करना नहीं है- विवेकानंद
विवेकानन्द उवाच-विवेकानंद जयन्ती 12 जनवरी पर...............‘‘धर्म का काम सामाजिक नियमों का निर्माण करना नहीं है। सामाजिक नियम आर्थिक परिस्थितियों से उत्पन्न हुए हैं। धर्म की यह भयानक भूल थी कि उसने सामाजिक मामलों में हस्तक्षेप किया । यह सत्य है कि हम...
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[11 Jan 2010 13:32 PM]



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