धूप की बस्ती

दस्तावेज तुम्हारे शहर में कोहरे का घना साया है ,मेरे चेहरे पर भी धुंध उतर आई है,चलो अब धूप की बस्ती को ढूंढने निकलें |तुम्हारे पास लफ्जों की लिहाफ तो होगीहमने भी एक उम्र से आंच बचा रखी हैचलो निकले,बस अब इस रास्ते से निकलें |गली के मोड़ पर सूरज का रास्ता... [पूरी पोस्ट]
writer आवेश
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[11 Jan 2010 11:35 AM]

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