पृथ्वी की उर्वरा को निचोड़कर

कर्मनाशा आजकल सर्दी सब पर भारी है। बीच - बीच में घना कोहरा भी घिर आता है। आज तो पूरे दिन कोहरा बूँद - बूँद कर बरसता रहा। फिर भी सब कुछ अपनी चाल चल रहा है। अभी कुछ देर पहले ही कुछ लिखा है उसी का एक कवितानुमा हिस्सा साझा करते हैं सबके साथ :सुन्दर - असुन्दरजो सहा... [पूरी पोस्ट]
writer sidheshwer

कविता

views
19
upvote
0
downvote
0
rating
0
comments
7
[11 Jan 2010 11:32 AM]

Free Vedic Astrology From Astrobix