मुला चिट्ठाचर्चा से इसका कउनौ रिलेशन नहिं है
एक्ठो रहें बड़े ओहदे वाले बड़का ब्लॉगर.. सो डिस्केशन डिस्केशन में उनका डिलेवर भी ब्लॉग-श्लॉग लिख लेने लगा रहा । उनकी काम वाली बाई भी कुछ कविताई की बेहयाई कर लेती रही, सो वहू ब्लॉगर को पकड़ लिहिस । उनका नौकर भी कहीं से कुछ टीप टाप कर एक रेजिस्टर...
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डा. अमर कुमार
कुछ ख़ास मौकों पर
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[11 Jan 2010 11:09 AM]



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