जब कुंदन बन जायेंगे दिबांग!
तो अब मुकाबला नहीं होगा। होगा भी तो मजा नहीं आएगा। दिबांग जो नहीं होंगे. एक कहावत है। जब बड़े दरख्त गिरते हैं तो धरती हिलती है. बरगद में तो हलचल होने से भी धरती कांपती है। दिबांग भी बरगद हैं। सुना है अब उनका एनडीटीवी से नाता टूट गया है। ब्लॉग जगत में...
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SUNIL DOGRA जालिम
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[11 Jan 2010 10:06 AM]



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