School की कुछ यादें.....

कुछ पन्ने मेरी दराज़ से.... शर्ट पे सेफ्टी-पिन से लगा रुमाल,गले में वाटर बोतल,पीठ पर एक भारी बसता.अब भी वो दिन याद आते हैं.वो रबर-पेंसिल पर लड़ना झगड़ना,झूले से गिर के फिर उठना,हर बात पर मैडम से शिकायत.अब भी वो दिन याद आते हैं.पढने के नाम पर बहाने बनाना,किताब के अन्दर कॉमिक को... [पूरी पोस्ट]
writer ●๋• नीर ஐ

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[11 Jan 2010 09:52 AM]

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