छूना है आसमाँ...
घर से चला हूँ अकेला,संग संग ख्वाबो का मेला. छूना है आसमाँ... रंग मुझे दो फूलो अपना,चित्र बनाऊँ, बुनू सपना;कोयल देना ऐसा पंचम,गीत जिंदगी, साँसे सरगम. छूना है आसमाँ... पंख लगाके उडे हौसला,बादल पर मै करू घोसला;मंजिल पाने के जोश मेभरलू चंदा आगोश मे. छूना है...
[पूरी पोस्ट]
डॉ.श्रीकृष्ण राऊत
12
0
0
0
1
[11 Jan 2010 09:42 AM]



Shuffle








