ग़ज़ल - मैंने उसको बताया बहुत कुछ
मैंने उसको बताया बहुत कुछउसने मुझसे छुपाया बहुत कुछज़िन्दगी में गंवाया बहुत कुछपर गँवाकर भी पाया बहुत कुछकुल मिलकर अगर मैं कहूं तोज़िन्दगी ने सिखाया बहुत कुछवक़्त के साथ चलने लगा मैंमुझमें बदलाव आया बहुत कुछकुछ कमी थी मेरी ही नज़र मेंआईने ने दिखाया बहुत...
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kavideepakgupta
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[11 Jan 2010 08:12 AM]



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