यादों के लांछन -----------किस- किस पर ?

zindagi याद करते हो तुमअपने प्रेमी कोफिर क्यूँ लांछनहम पर लगाते होहम बेजुबानतुम्हारे लांछनों काजवाब नही दे सकतेकिसी की याद मेंजी तुम जलाते होमगर दोष हमाराइसमें क्या हैक्या हमने तुम्हेंये दर्द दियाक्या प्रेम का कभीकोई उपदेश दियाफिर भी बार- बारशब्द यही दोहराते होए... [पूरी पोस्ट]
writer वन्दना
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[11 Jan 2010 02:45 AM]

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