सरकार के पास गरीबी हटाने के लिए पैसा नही है!
ग़रीब कौन है? सरकारी आंकड़ों के हिसाब से अब तक तो वह ग़रीब था जो कैसे भी ज़िन्दा रहने भर का राशन जुगाड़ लेता था। आलोचनायें हुईं तो फिर से विचार किया गया और अब तेंदुलकर समिति कहती है कि ग्रामीण क्षेत्रों 444रुपये 68 पैसे और शहरी क्षेत्रों में 578 रुपये और ८०...
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अशोक कुमार पाण्डेय
गरीबी रेखा
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[10 Jan 2010 23:24 PM]



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