नचकैया ........ [कहानी ] - श्रीकान्त मिश्र 'कान्त'
[...........उसके मस्तिष्क में फिर पृश्न कौंधे. क्या तिवारी जी और नचकैया के संबंध आज की गे विचारधारा का पूर्ववर्ती काल था. हां होली और दीपावली पर उनका महिलाओं जैसा श्रृंगार जो कभी औरतों के बीच खासी चर्चा का विषय हुआ करता था तिवारी की मृत्यु के बाद उन्हें...
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श्रीकान्त मिश्र ’कान्त’
कहानी
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[10 Jan 2010 20:55 PM]



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