कविता के बहाने कुछ टिप्पणियों का पोस्ट-रुपांतरण
किसी ब्लौग पर पढ़ा था कि "कुछ टिप्पणियाँ बस ’टिप्पणियाँ’ नहीं होतीं"... तो अपने पिछले ब्लौग पर मेरी उस कथित कविताई-शंका को दूर करने आयी कुछ टिप्पणियों को टिप्पणी-बक्से में ही छोड़ देना मुझे उन शब्दों की तौहीन करना प्रतीत हुआ। सोचा क्यों न उन्हें पोस्ट का...
[पूरी पोस्ट]
गौतम राजरिशी
एक ब्लौगर की डायरी से...
80
7
0
7
25
[10 Jan 2010 20:00 PM]



Shuffle








