वो तो गली-गली सबको पढ़ाने लगी
आनन्द राय, गोरखपुर यह कहानी अशिक्षा के अंधकार में शोषण का शिकार हो रही महिलाओं के लिए प्रेरणा है। यह कहानी अनुसूचित जाति में जन्मी 35 साल की मीना की है जो कभी अनपढ़ थी लेकिन अब अपने गांव जवार में मेम बन गयी है। लिखने-पढ़ने की उसे ऐसी लगन लगी कि अब...
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आनन्द राय
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[10 Jan 2010 10:34 AM]



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