हर तरफ बस तू ही तू
बहुत पहले कुछ गद्य के साथ इस पद्य को पोस्ट किया था.. आज फिर से इस पद्य को पोस्ट किये जा रहा हूं.. पूरी पोस्ट को पढ़ने के लिये उस पुराने पोस्ट पर जायें.. आपको कुछ निहायत लज़ीज कमेंटों को भी पढ़ने का लुत्फ आयेगा वहां.. मेरी प्रीत भी तू,मेरी गीत भी तू,मेरी...
[पूरी पोस्ट]
PD
बस तू ही तू
36
4
0
4
8
[10 Jan 2010 10:44 AM]



Shuffle








