गीत: हे समय के देवता --हे समय के देवता!
गीतहे समय के देवता! संजीव 'सलिल' *हे समय के देवता! गर दे सको वरदान दो तुम...*श्वास जब तक जल रही है,आस जब तक पल रही है,अमावस का चीरकर तम-प्राण-बाती जल रही है.तब तलक रवि-शशि सदृश हम रौशनी दें तनिक जग को.ठोकरों से पग न हारें-करें ज्योतित नित्य मग को.दे सको...
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आचार्य संजीव वर्मा 'सलिल'
contemporary hindi poetry
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[09 Jan 2010 12:34 PM]



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