जब कभी दुनिया में ख़ुद को तन्हा पाओगी प्रिये !
आपके भी होंठ इक दिन,गीत गायेंगे मेरेनींद होगी आपकी परख्वाब आयेंगे मेरेआपके भी...जागेगी जिस दम जवानी, जिस्म लेगा करवटेंरात भर तड़पोगी, बिस्तर पर पड़ेंगी सलवटेंआँखें होंगी आपकी परआँसू आयेंगे मेरेआपके भी...जब कभी दर्पण में देखोगी ये कुन्दन सा बदनख़ूब इतराओगी...
[पूरी पोस्ट]
AlbelaKhatri.com
गीत शृंगार फ़िल्मी स्टाइल
55
4
0
4
1
[09 Jan 2010 08:04 AM]



Shuffle








