अँधा कौन ?

प्रतीक माहेश्वरी बचपन उस अंधे को देखकर यौवन हो गया था...जब अंकुर अपनी माँ के साथ मंदिर से बाहर आता तो उसे देख कर विस्मित हो जाता.. उसे दुःख होता...एक दिन वह अपने दुःख का निवारण करने उस अंधे के पास पहुंचा..पहुंचा और बोला - "बाबा, अँधा होने का आपको कोई गम है?"अँधा बोला -... [पूरी पोस्ट]
writer Pratik Maheshwari

मैं और जिंदगी...

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[08 Jan 2010 15:22 PM]

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