लाल भूमि
लाल भूमि लाल भूमि यह रावरी, राजा देय बनाय। स्वाद कषेला सा लगे, गंध रक्त की आय।। गंध रक्त की आय , यह स्पर्श से लगे ठोस। बनादो राज-भवन , राज बढ़े सौ-सौ कोस।। कह `वाणी´ कविराज, शस्त्र, भण्डार, छावनी। लनाय कारखाना , ऐसी भू यह रावरी ।। शब्दार्थ : कषैला = आँवला...
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[08 Jan 2010 09:03 AM]



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