नुस्ख़ा
नुस्ख़ाबढ़े ठंडक ! तो इतना काम कर जा ,'अमर' बन, इस्तीफा देकर गुज़र जा.बदल ले भेष*, ग़ालिब कह गए है,तू खुद अपना ही तो 'कल्याण' कर जा.'नदी' की 'त'रह बहना खुश नसीबी, [N D T]तकाज़ा उम्र का लेकिन ठहर जा.करे 'आशा'ए तेरी 'राम' पूरी, ज़रा तू 'लालसाओं' से उभर...
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Mansoor Ali
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[08 Jan 2010 07:16 AM]



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