बहुत सोचा अब लिख रहा हूं

दिमाग की हलचल थ्री इडियट्स देखी, फिर चकरी ले आया, फिर बार बार देखी, कई बार देखी, बीच- बीच में से देखी। कई सीन दोहराकर देखे, फिर सोचा कि अब लिखूं तो देखा कि लोगों ने जमकर पहले ही लिख दिया है। सुकून की बात यह है कि मैं जो सोचा वह यहां कहीं मिला नहीं और कहीं लिखा भी गया... [पूरी पोस्ट]
writer सिद्धार्थ जोशी Sidharth Joshi
views
33
upvote
3
downvote
0
rating
3
comments
3
[07 Jan 2010 17:55 PM]

Free Vedic Astrology From Astrobix