गये साल का तराना

गठरी तुमको कुछ बात बताना था इस दिल का हाल सुनाना था क्या क्या गुजरी बतलाना था तुम चले गये तुम्हे जाना था ।कभी सफल रहे , कभी विफल रहे कभी दहल गये , कभी अटल रहे क्या क्या झेला बतलाना था ।तुम चले गये तुम्हे जाना थाखेतों में हरियाली होगीअब देश में खुशहाली होगी... [पूरी पोस्ट]
writer अजय कुमार

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[07 Jan 2010 02:58 AM]

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