बतिया है करतुतिया नाही....

मेरी आवाज़ सुनो...! हमारे गाँव में एक कहावत प्रचलित है कि-"बतिया है करतुतिया नाही, मेहरी है घर खटिया नाही।" यह कहावत उन निठल्लों के लिए प्रयुक्त होता है जो लम्बी-लम्बी बातें छोड़ने में माहिर होते हैं। बातों के सिवा कोई दूसरा काम नहीं। बातें ऐसी कि जिसे सुनकर सूरज को भी... [पूरी पोस्ट]
writer प्रबल प्रताप सिंह्

बतिया है करतुतिया नाही....

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[07 May 2009 07:44 AM]

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