सरस्वती वंदना : २ -संजीव 'सलिल'

संजीव  सलिल  की  रचनाएँ सरस्वती वंदना : २ संजीव 'सलिल'*हे हंसवाहिनी!, ज्ञानदायिनी!!अम्ब विमल मति दे...*जग सिरमौर बने माँ भारत.सुख-सौभाग्य करे नित स्वागत.नव बल-विक्रम दे...*साहस-शील ह्रदय में भर दे.जीवन त्याग-तपोमय कर दे.स्वाभिमान भर दे...*लव-कुश, ध्रुव-प्रह्लाद हम बनें.मानवता... [पूरी पोस्ट]
writer आचार्य संजीव वर्मा 'सलिल'

samyik hindi kavita

views
26
upvote
1
downvote
0
rating
1
comments
2
[06 Jan 2010 11:19 AM]

Free Vedic Astrology From Astrobix