कभी लगती हकीक़त सी

bhardwaj'sblog कभी तो ख्वाब सा लगता कभी लगती हकीक़त सी; मिली है ज़िन्दगी इक क़र्ज़ में डूबी वसीयत सी. उसूलों के लिए जो जान देते थे कभी अपनी, वे खुद करने लगे हैं अब उसूलों की तिजारत सी. कभी जिसके इशारों पर हवा का रुख बदलता था ,हवा करने लगी है अब स्वयं उनसे बगावत सी. रखा... [पूरी पोस्ट]
writer chandrabhan bhardwaj
views
16
upvote
0
downvote
0
rating
0
comments
1
[06 Jan 2010 08:55 AM]

Free Vedic Astrology From Astrobix