कितने मौसम बीत गये हैं
कितने मौसम बीत गये हैं दुख सुख की तन्हाई मेंदर्द की झील नहीं सूखी है आँखों की अंगनाई मेंबीती रातों के झोंके आए जब मेरी अंगनाई मेंदिल के सौ सौ टांके टूटे एक एक ...
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A.U.SIDDIQUI
एक शायर
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[06 Jan 2010 05:01 AM]



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