अब वो शांत था ......

मेरे आस-पास उस दिन बेहद कोहरा था । कोहरे से भरे बादल बार बार गाड़ी के सामने वाले शीशे से टकरा रहे थे लेकिन उसे मंजिल पर पहुचने की बहुत जल्दी हो रही थी । गाड़ा कोहरा गाड़ी को स्पीड में आने ही नहीं दे रहा था । सामने एसा लग रहा था जैसे किसी ने धुयाँ धुयाँ छोड़ दिया हो ।... [पूरी पोस्ट]
writer MANVINDER BHIMBER

कोहरा

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[06 Jan 2010 01:31 AM]

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