पूर्ण समर्पण

feminist poems प्रिय, तुमने कहा था मुझसेकि तुम मुझकोपाना चाहते होपूरी तरह सेतब मैंतुम्हारे "पूरी तरह से" कामतलब नहीं समझ पायी थीअब जान गयी हूँमैं तैयार हूँकर दूँगी मैंपूर्ण समर्पणदे दूँगी तुमको ये तनइसमें क्या रखा हैकर सकती हूँतुम पर अर्पणसौ-सौ जीवनक्योंकि मैंनेतुमको... [पूरी पोस्ट]
writer mukti

दर्द

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[05 Jan 2010 14:55 PM]

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