नव वर्ष आया

ठिकाना नव वर्ष आया भानुकारों ने बिखेरा प्रकाश प्रकाशमय हो गया कण-कण रिक्त हुआ अँधेरा कण-कण से भर दिया उल्लास, नई स्फूर्ति जन जन में दूर हुई आलस्य की काली छाया संचार हुई नव पवन संजीवनी उठ खड़ा हुआ नव प्रभात अंतर्मन में सृजित हुआ नव जीवन नव वर्ष आया, नव वर्ष आया।... [पूरी पोस्ट]
writer Pratibha
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[03 Jan 2010 09:35 AM]

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