पंकज बिष्ट का पत्र वागर्थ के सम्पादक के नाम
(यह शायद कुछ मित्रों को गढ़े मुर्दे उखाड़ना लगे लेकिन जब कोई भ्रष्ट वक़ील जबरन हत्या को आत्म्हत्या साबित करने पर लगा हो तो कोई और चारा भी तो नहीं होता!)अर्द्ध सत्यों की वाग्मिता (वागर्थ सितंबर, 09 का संपादकीय 66 लेखकों द्वारा जारी उस पत्र की भर्त्सना था...
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अशोक कुमार पाण्डेय
साहित्य
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[04 Jan 2010 07:43 AM]



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